शनिवार, 21 नवंबर 2015






स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजे गये उत्तराखण्ड एक्सपै्रस सुरेन्द्र भण्डारी
महिला मंगलदल पंवार बाखली व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को विशिष्ट सम्मान
गैरसैंण, 21 नवम्बर,
  यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित समारोह में  सामाजिक कार्यकर्ता, टेªड यूनियन लीडर, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी, विचार-चिंतक चन्द्रसिंह यायावर की 6ठी पुण्य तिथि पर उनके कृतित्व- व्यक्तित्व को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उत्तराखण्ड के पहले एथलीट ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी को खेल देश व प्रदेश को गौरवाविन्त करने हेतु स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजा गया।
   शराबबन्दी तथा गांव में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु खनसर घाटी के पंवार बाखली  कुशरानी महिला मंगल दल तथा राजकीय बालिका इण्टर कालेज की प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को शिक्षण एवं सीमित संसाधनों में अच्छे प्रवन्धन के लिए विशिष्ट सम्मान दिया गया। इस अवसर पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।
   समारोह की विशिष्ट अतिथि क्षेत्र प्रमुख सुमति बिष्ट ने स्व चन्द्र सिंह यायावर को याद करते हूए कहा उनका समर्पण नई पीडी का मार्गदर्शन करेगा। स्व चन्द्रसिंह यायावर को साधारण परिवार के सामान्य व्यक्तित्व का असाधारण सामाजिक सोच का व्यक्ति बताते हुए अध्यक्ष पुरूषोत्तम असनोडा ने कहा उत्तराखण्ड आन्दोलन मैहलचैरी में आधार पुस्तकालय की स्थापना और उत्तरा महोत्सव जैसे आयोजन यायावर जी की इच्छा शक्ति के परिचायक हैं। समिति संरक्षक जानकी रावत ने कहा स्वर्गीय यायावर को बच्चों व महिलाओं से विशेष स्नेह था जिनके अधिकारों की लडाई के वे अगवा थे।
   पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा विराट व्यक्तित्व के धनी यायावर हमारे प्रेरणास्रोत हैं। समिति महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी के संचालन में हुए समारोह को एसबीएमए प्लान परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह, समिति उपाध्यक्ष बी एस बुटोला, अरविन्द पुरोहित, राहुल रावत, विजय रावत, रघुवीर पंवार, हरीश सिंह रावत, एलपी सती, संदीप पटवाल आदि ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी के सी जोशी, शोध छात्र रोशन नैलवाल, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष बृजलाल शाह, पर्वतीय पत्रकार एशोसिएशन प्रान्तीय अध्यक्ष जोध सिंह रावत, ब्लाक काग्रेस कमेटी संरक्षक गोपाल पंत, वन क्षेत्राधिकारी पीएस बुटोला, स्व यायावर सम्मान से पूर्व में सम्मानित, घनश्याम ढौंडियाल व नरेन्द्र सिंह चाकर आदि उपस्थित थे।


उत्तराखण्ड खेल और चुनौती विचार गोष्ठि
उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं तो हैं लेकिन नीति नहीं
गैरसैंण 21 नवम्बर
    यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित विचार गोष्ठि उत्तराखण्ड में खेल और चुनौतियां विषय पर आयोजित विचार गोष्ठि में मुख्य वक्ता ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं हैं लेकिन नीति के अभाव में प्रतिभाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं। उन्होनें कहा प्रदेश का 80 से 90 प्रतिशत टैलेंट है लेकिन सरकारो के पास कोई सोच नहीं है।
   ओलम्पियन भण्डारी ने कहा यदि सरकार कोचिंग इंस्टीटयूट के लिए संसाधन उपलब्ध कराये तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ एस एन सिद्ध ने अन्तराष्ट्रीय राष्ट्रीय तथा प्रादेशिक स्थितियों को सामने रखते हुए कहा विदेशों में जहां खेलों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं हैं वहीं देश में बहुत कम और प्रदेश में तो नही ंके बराबर सुविधांयें हैं। ऐसे में प्रतिभाओं का स्वाभाविक विकास तो होगा लेकिन अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी बनाने की प्रक्रिया हवाबाजी होगी।
    एसबीएमए परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी ने कहा राज्य में एक एस्ट्रोटर्फ है और उसकी गुणवत्ता भी सदिग्ध है। प्रदेश के 11 खेल स्टेडियम में जब पूर्णकालिक कोच ही नहीं हैं तो खिलाडी कैसे विकसित होंगे। पूर्व क्षेत्र प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा सरकार 15 सालों में खेलों के विकास के लिए कुछ नहीं कर पाई है। महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी ने कहा खेलों की सम्यक नीति बनाये बिना खेलों के विकास की बात बेइमानी है। उन्होनें कहा यायावर जन चेतना समिति प्रतिभाओं के विकास के साथ अच्छे कार्यो को प्रोत्साहित करती है। गोष्ठि में वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह ने अन्र्तराष्ट्रीय फुटबाल खिलाडी पुष्कर भण्डारी व ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी की चर्चा करते हुए कहा इन प्रतिभाओं को निखारने में उनका व्यक्तिगत योगदान अधिक है।


सम्मान भरोसा दिलाते हैं
गैरसैंण, 21 नवम्बर
  स्व चन्द्र सिंह यायावर स्मृति सम्मान से नवाजे गये ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री देवी व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत ने एक स्वर में कहा सम्मान भरोसा दिलाते हैं कि उनके कार्यों का मुल्यांकन होरहा है।
  सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उन्होने जो भी उपलब्धि पाई है वह सेना की बदोलत है और सेना ही हर उस सम्मान की हकदार है जो उन्हें मिलता है। प्रधानाचर्य शकुन्तला रावत ने कहा यायावर सम्मान मिलने से उनमें अतिरिक्त आत्मविश्वास जागा है और उन्हे लगता है कि अच्छे कामों पर भी समाज की नजर होती है।
   महिला मंगल दल अध्यक्ष पंवार बाखली सावित्री देवी ने कहा खन्सर घाटी के दुरस्त क्षेत्र में उनके कार्यो की प्रेरणा श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम है जिन्होनें सार्वजनिक रूप से शराब परोसने के खिलाफ महिलाओं को एकत्र किया बचत राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने में मदद की।


सुरेन्द्र भण्डारी को खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग
गैरसैंण, 21 नवम्बर
   यायावर जन चेतना समिति ने उत्तराखण्ड के पहले एथलीट सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न तथा शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग की है।
   उत्तराखण्ड एक्सप्रेस के नाम से जाने जाने वाले लम्बी दुरी के पूर्व धावक सुरेन्द्र भण्डारी ने 2006 के दोहा एशियाई खेल तथा 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अनेक अन्र्तराष्टीय प्रतियोगिताओं में भारत और राष्टीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड को पदक दिलाने वाले सुरेन्द्र भण्डारी के नाम 3000 मीटर व 10000 व 3000 मीटर रिले दौड के राष्ट्रीय रिकार्ड हैं।
    2009 में मांस पेशी में खिचांव के बाद उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने से उनका खेल कैरियर बरबाद हो गया। उस समय वे भारत में लम्बी दुरी के सर्वश्रेष्ठ धावक थे। राष्टीय खेल संस्थान पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा लेने के बाद सुबेदार सुरेन्द्र भण्डारी वर्तमान में राष्टीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षक हैं और द कोरिया में गत वर्ष हुए एशियाई खलों में उनके एक शिष्य ने कांस्य पदक जीता है।
  रा प्रा वि स्यूंणी मल्ली के प्रधानाध्यापक घनश्याम ढौंडियाल शिक्षा में अभिनव प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। उन्होनें राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सबसे पहले अपने विद्यालय में बच्चों के लिए कम्प्यूटर मंगाये। मोटर मार्ग से 4 किमी दूर साइकिल मंगाकर बच्चों को साइकिल चलाना सिखाया। शिक्षण की नवीनतम पद्धतियों के अविष्कारक घनश्याम ढौंडियाल के विद्यालय को शिक्षण भ्रमण टीमें देख चुकी हैं और उनके विद्यालय शिक्षण की सीडी कई राज्यों में शिक्षण का माध्यम बनी हुई है।
   समिति ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की पुरजोर मांग की है।

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