शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

चौथी पुण्यतिथि पर संपादक द्वय को नमन

रीजनल रिपोर्टर के संस्थापक संपादक स्व भवानी शंकर थपलियाल और प्रवन्ध संपादक डॉ उमा शंकर थपलियाल की आज चौथी पुण्यतिथि है।
भवानी शंकर रीजनल रिपोर्टर के संपादक ही नहीं विज्ञान की खोजों, अविष्कारों, राजनीति, भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र और समाज शास्त्र के अध्येता थे और किसी भी विषय पर प्रमाणिक जानकारी देने वाले अपने मित्रों के बीच ज्ञानी। श्रीनगर बांध के दुष्प्रभावों से वे बहुत पहले सचेत कर चुके थे और उसकी लड़ाई का हिस्सा भी रहे थे। भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्कालीन पुलिस महानिदेशक बी एस सिद्धू पर कवर स्टोरी की थी और रीजनल रिपोर्टर को जनपक्षीय वैकल्पिक मीडिया बनने के लगातार प्रयास किया।उनकी टीम पूरी लगन से उसके प्रयासों को आगे बढ़ा रही है।
   स्व डॉ उमा शंकर थपलियाल पत्रिका के प्रवन्ध संपादक के साथ लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, पत्रकार और समाज सेवी रहे। मिलनसार, फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी और अन्याय के विरुद्ध मुखर इंसान की छवि लिए पिता , पुत्र 17 फरवरी 2015 को अचानक हम लोगों के बीच से उठ गए।
   आपकी परिकल्पना और सोच समझ को सार्थक रुप देने के लिए गंगा जी जान से जुटी है। संपादकीय सहयोगी सीताराम बहुगुणा, जी एस नेगी, साहित्य संपादक उमा घिल्डियाल, डॉ प्रीतम अपच्छ्याण, मदन मोहन डुकलान, स्थाई स्तंभकार उर्मिल कुमार थपलियाल, डॉ भरत झुनझुनवाला, देवेन्द्र मेवाड़ी, जय प्रकाश पंवार 'जेपी', योगेश भट्ट, प्रतिभा नैथानी, ईशान पुरोहित आदि पूरी तन्मयता से जुटे हैं।
  वरिष्ठ लेखकों में हरीशचंद्र चंदोला, जगमोहन रौतेला, बिपिन बनियाल, मनोहर चमोली, महिपाल सिंह नेगी, डॉ एस पी सती सहित लब्ध प्रतिष्ठित लेखक आपकी परिकल्पना को आगे बढ़ा रहे हैं।
       प्रसार व्यवस्थापक अंजना भट्ट घिल्डियाल, डिजाइन मनोहर बिष्ट, पूजा भंडारी, अजीता शर्मा, हमारे प्रतिनिधि महेश शर्मा, देवीप्रसाद भट्ट, शंकर फुलारा, प्रकाश, सुधीर राठौड़, ईश्वरी दत्त जोशी, जीवन सिंह बिष्ट, दीपक शर्मा, संजय साह' जगाती' आदि पत्रिका के सुचारू और स्तरीय लेखन में सहायक हुए हैं।
  आपकी कमी हमेशा रहेगी, आपकी दिशा, सोच और समझ मार्ग दर्शन कराती रहेगी।
संपादक द्वय आपको शत शत नमन
विनम्र श्रद्धांजलि।

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