स्व ललित कोठियाल के जन्मदिन 10 अप्रैल को होगा बाल मेला
प्रख्यात विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी होंगे बच्चों से रुबरु
गंगा असनोड़ा थपलियाल
श्रीनगर,
सात अगस्त 2018 का दिन था . रीजनल रिपोर्टर की दशाब्द यात्रा पर रीजनल रिपोर्टर की स्मारिका के प्रारूप के लिए पहली बैठक स्व.ललित मोहन कोठियाल ज़ी की अध्यक्षता मेंं चल रही थी. स्मारिका पर बात से पहले पत्रिका पर विस्तृत बात हुई . इस बातचीत मेंं पत्रिका के सबल और निर्बल पक्षों पर वार्ता के साथ ही पत्रिका की विभिन्न जरूरतों पर भी बात हुई . पत्रिका के कलेवर पर पहले भी कई बैठकें हुई थी. इसमें जब- जब पत्रिका की सामग्री की बात होती, तो ललित भाई पत्रिका मेंं स्थायी स्तम्भ बढ़ाए जाने के पक्ष की बात करते .
ललित भाई अपनी ओर से पत्रिका के लिए इतने समर्पित थे कि उनके जाने के बाद जो अंक निकला, उसके लिए खबरों की खबर (ये ललित भाई का स्थायी स्तम्भ था.) लिख गए थे. उसके बाद के अंक को निकालने से पहले मुझे ललित भाई का स्थायी स्तम्भ बढ़ाने संबंधी बार बार दिया जाने वाला सुझाव याद आने लगा . ललित भाई की निष्ठा और खबरों की खबर कॉलम को लेकर उनकी मेहनत कई वाकये याद आते रहे . बहुत सोचने के बाद दो ही नाम दिमाग मेंं आए . वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट या जगमोहन रौतेला. भाई जगमोहन रौतेला एक पत्रिका मेंं पहले से ही यह कॉलम लिखते हैं, सो योगेश भट्ट ज़ी से मैंने बात की . बड़े भाई योगेश भट्ट ज़ी की सरलता ही कहूँगी कि उन्होंने सहर्ष यह आग्रह स्वीकार कर लिया है . इस तरह दिसम्बर 2018 से रीजनल रिपोर्टर मेंं खबरों की खबर कॉलम वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट ज़ी की लेखनी के साथ सतत आगे चल रहा है . आपका बहुत बहुत आभार भाईजी Yogesh Bhatt जी .
ललित भाई की याद और सुझाव को ध्यान मेंं रख ही रही थी कि ॥ ऊर्जा विशेषज्ञ dr.ईशान पुरोहित ज़ी से वैकल्पिक ऊर्जा पर नियमित स्तम्भ की बात शुरू होते ही उन्होंने अपनी व्यस्तताओं के बावजूद नियमित स्तम्भ के लिए हामी भर दी . जनवरी 2019 से वैकल्पिक ऊर्जा पर यह कॉलम नियमित हो गया है . आपको बहुत बहुत साधुवाद डा. Ishan Purohit जी.
इसी तरह, लेखनी की धनी, संस्मरणों को संवेदना के साथ सही शब्दों मेंं पिरोकर पाठकों के सम्मुख रखने मेंं समर्थवान लेखिका प्रतिभा नैथानी ज़ी से जब व्यक्तित्व और स्मृतियाँ कॉलम लिखने का आग्रह किया, तो वे भी सहर्ष तैयार हो गई और फरवरी 2019 से उनका स्थायी स्तम्भ भी प्रकाशित होना शुरू हो गया है . बहुत बहुत आभार Pratibha Naithani जी .
इससे पूर्व चर्चित स्तम्भ लेखक डा.भरत झुनझुनवाला का स्तम्भ चिंतन, विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी का विज्ञान परिक्रमा, new media के जानकार जयप्रकाश पंवार 'जेपी' का न्यू मीडिया गुरू, डा.प्रीतम अपछ्यांण का व्यंग्य, खबरों की खबर (पूर्व मेंं ललित मोहन कोठियाल अब योगेश भट्ट), जी.एस.नेगी का जानें अपने राज्य को तथा व्यंग्य की नौटंकी विधा के सिद्धहस्त लेखक उर्मिल कुमार थपलियाल का बकम्बम जि बकम्बम पत्रिका के ख्यातिलब्ध स्तम्भ हैं.
पत्रिका की मजबूत नींव को रखने मेंं संस्थापक सम्पादक द्वय स्व.बी.शंकर तथा स्व.डा.उमाशंकर थपलियाल जी के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर स्व.ललित कोठियाल जी ने काम किया . उनका मार्गदर्शन हमारे साथ है.
सात अगस्त की वह पहली बैठक और डिजाइन्ड स्मारिका के अंतिम प्रारूप को चेक करने के लिए 27 सितम्बर को अंतिम बैठक हुई. इस दिन रीजनल रिपोर्टर के सम्पादकीय सहयोगी सीताराम बहुगुणा जी ललित भाई को चिढ़ा रहे थे कि इस बार आपका जन्मदिन विशेष मनाया जाना है . सीताराम जी के साथ वरिष्ठ समालोचक एवं लेखक रीजनल रिपोर्टर परिवार के साथी डा.अरुण कुकसाल भी शामिल थे . बहुत देर तक चुप रहने के बाद ललित भाई ने कहा- जन्मदिन तो निकल गया . कुकसाल जी ने कहा- कोई नहीं अगले साल .
अगले साल का ललित भाई का जन्मदिन 10 अप्रैल को है .ललित भाई सशरीर इस दिन मौजूद नहीं होंगे. रीजनल रिपोर्टर उनके जन्मदिन पर बाल मेले का आयोजन करेगा . इस मौके का विशेष आकर्षण चर्चित विज्ञान लेखक एवं बाल सहित्यकार देवेन्द्र मेवाड़ी जी का व्याख्यान रहेगा .
ललित भाई आप नहीं हैं, लेकिन आपका मार्गदर्शन बना रहेगा . आप जैसे सच्चे और सरल व्यक्तित्व विरले ही होते होंगे . आप लोगों के चले जाने के असीम दुःख के बावजूद आप लोगों की इच्छानुसार पत्रिका अपने पथ पर अग्रसर है, यह आप लोगों की कल्पनाओं की सुखद परिणिति है .
श्रद्धानमन आप तीनों को .
स्व. बी.शंकर ( संस्थापक सम्पादक)
स्व. उमाशंकर थपलियाल ( संस्थापक प्रबन्ध संस्थापक)
स्व.ललित मोहन कोठियाल ( पूर्व कार्यकारी सम्पादक)
प्रख्यात विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी होंगे बच्चों से रुबरु
गंगा असनोड़ा थपलियाल
श्रीनगर,
सात अगस्त 2018 का दिन था . रीजनल रिपोर्टर की दशाब्द यात्रा पर रीजनल रिपोर्टर की स्मारिका के प्रारूप के लिए पहली बैठक स्व.ललित मोहन कोठियाल ज़ी की अध्यक्षता मेंं चल रही थी. स्मारिका पर बात से पहले पत्रिका पर विस्तृत बात हुई . इस बातचीत मेंं पत्रिका के सबल और निर्बल पक्षों पर वार्ता के साथ ही पत्रिका की विभिन्न जरूरतों पर भी बात हुई . पत्रिका के कलेवर पर पहले भी कई बैठकें हुई थी. इसमें जब- जब पत्रिका की सामग्री की बात होती, तो ललित भाई पत्रिका मेंं स्थायी स्तम्भ बढ़ाए जाने के पक्ष की बात करते .
ललित भाई अपनी ओर से पत्रिका के लिए इतने समर्पित थे कि उनके जाने के बाद जो अंक निकला, उसके लिए खबरों की खबर (ये ललित भाई का स्थायी स्तम्भ था.) लिख गए थे. उसके बाद के अंक को निकालने से पहले मुझे ललित भाई का स्थायी स्तम्भ बढ़ाने संबंधी बार बार दिया जाने वाला सुझाव याद आने लगा . ललित भाई की निष्ठा और खबरों की खबर कॉलम को लेकर उनकी मेहनत कई वाकये याद आते रहे . बहुत सोचने के बाद दो ही नाम दिमाग मेंं आए . वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट या जगमोहन रौतेला. भाई जगमोहन रौतेला एक पत्रिका मेंं पहले से ही यह कॉलम लिखते हैं, सो योगेश भट्ट ज़ी से मैंने बात की . बड़े भाई योगेश भट्ट ज़ी की सरलता ही कहूँगी कि उन्होंने सहर्ष यह आग्रह स्वीकार कर लिया है . इस तरह दिसम्बर 2018 से रीजनल रिपोर्टर मेंं खबरों की खबर कॉलम वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट ज़ी की लेखनी के साथ सतत आगे चल रहा है . आपका बहुत बहुत आभार भाईजी Yogesh Bhatt जी .
ललित भाई की याद और सुझाव को ध्यान मेंं रख ही रही थी कि ॥ ऊर्जा विशेषज्ञ dr.ईशान पुरोहित ज़ी से वैकल्पिक ऊर्जा पर नियमित स्तम्भ की बात शुरू होते ही उन्होंने अपनी व्यस्तताओं के बावजूद नियमित स्तम्भ के लिए हामी भर दी . जनवरी 2019 से वैकल्पिक ऊर्जा पर यह कॉलम नियमित हो गया है . आपको बहुत बहुत साधुवाद डा. Ishan Purohit जी.
इसी तरह, लेखनी की धनी, संस्मरणों को संवेदना के साथ सही शब्दों मेंं पिरोकर पाठकों के सम्मुख रखने मेंं समर्थवान लेखिका प्रतिभा नैथानी ज़ी से जब व्यक्तित्व और स्मृतियाँ कॉलम लिखने का आग्रह किया, तो वे भी सहर्ष तैयार हो गई और फरवरी 2019 से उनका स्थायी स्तम्भ भी प्रकाशित होना शुरू हो गया है . बहुत बहुत आभार Pratibha Naithani जी .
इससे पूर्व चर्चित स्तम्भ लेखक डा.भरत झुनझुनवाला का स्तम्भ चिंतन, विज्ञान लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी का विज्ञान परिक्रमा, new media के जानकार जयप्रकाश पंवार 'जेपी' का न्यू मीडिया गुरू, डा.प्रीतम अपछ्यांण का व्यंग्य, खबरों की खबर (पूर्व मेंं ललित मोहन कोठियाल अब योगेश भट्ट), जी.एस.नेगी का जानें अपने राज्य को तथा व्यंग्य की नौटंकी विधा के सिद्धहस्त लेखक उर्मिल कुमार थपलियाल का बकम्बम जि बकम्बम पत्रिका के ख्यातिलब्ध स्तम्भ हैं.
पत्रिका की मजबूत नींव को रखने मेंं संस्थापक सम्पादक द्वय स्व.बी.शंकर तथा स्व.डा.उमाशंकर थपलियाल जी के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर स्व.ललित कोठियाल जी ने काम किया . उनका मार्गदर्शन हमारे साथ है.
सात अगस्त की वह पहली बैठक और डिजाइन्ड स्मारिका के अंतिम प्रारूप को चेक करने के लिए 27 सितम्बर को अंतिम बैठक हुई. इस दिन रीजनल रिपोर्टर के सम्पादकीय सहयोगी सीताराम बहुगुणा जी ललित भाई को चिढ़ा रहे थे कि इस बार आपका जन्मदिन विशेष मनाया जाना है . सीताराम जी के साथ वरिष्ठ समालोचक एवं लेखक रीजनल रिपोर्टर परिवार के साथी डा.अरुण कुकसाल भी शामिल थे . बहुत देर तक चुप रहने के बाद ललित भाई ने कहा- जन्मदिन तो निकल गया . कुकसाल जी ने कहा- कोई नहीं अगले साल .
अगले साल का ललित भाई का जन्मदिन 10 अप्रैल को है .ललित भाई सशरीर इस दिन मौजूद नहीं होंगे. रीजनल रिपोर्टर उनके जन्मदिन पर बाल मेले का आयोजन करेगा . इस मौके का विशेष आकर्षण चर्चित विज्ञान लेखक एवं बाल सहित्यकार देवेन्द्र मेवाड़ी जी का व्याख्यान रहेगा .
ललित भाई आप नहीं हैं, लेकिन आपका मार्गदर्शन बना रहेगा . आप जैसे सच्चे और सरल व्यक्तित्व विरले ही होते होंगे . आप लोगों के चले जाने के असीम दुःख के बावजूद आप लोगों की इच्छानुसार पत्रिका अपने पथ पर अग्रसर है, यह आप लोगों की कल्पनाओं की सुखद परिणिति है .
श्रद्धानमन आप तीनों को .
स्व. बी.शंकर ( संस्थापक सम्पादक)
स्व. उमाशंकर थपलियाल ( संस्थापक प्रबन्ध संस्थापक)
स्व.ललित मोहन कोठियाल ( पूर्व कार्यकारी सम्पादक)


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