गुरुवार, 28 जनवरी 2016

सुन रहे हो सरकार आपका रास्ता बन्द हो गया


जोशीमठ में जेपी कम्पनी ने यूपीसीएल का सब स्टेशन को जाने वाला रास्ता बन्नइ कर दिया। नैनीसार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देवेन्द्र सनवाल द्वारा फहराया गया तिरंगा जिस पर कोई भी भारतीय गर्व करता है  प्रतीक जिन्दल नामक गुण्डे ने उतार दिया। पहली घटना की रिपोर्ट ऊर्जा निगम केउप खण्ड अधिकारी ने उपजिलाधिकारी के माध्यम सेजिलाधिकारी को भेज दी है और जोषीमठ कोतवानी में जहरीर भी दी गयी है।
    दूसरे मामले में अल्मोडा का जिला प्रशासन जिन्दल का बधुवा सावित हो रहा है। उत्तराखझड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी ने जिलाधिकारी राजीव बंसल को दी रिपोर्ट में कहा- कि उक्त नैनीसार में तिरंगा उतारने के अपराधिक कृत्य को संयुक्त मजिस्ट्रेटविनीत कुमार व एस डी एम रिकु बिष्ट मूक दर्शक बनी रही।
 दोनो ही मामले जल-जंगल-जमीन से जुडे हैं। सरकारी क्षेत्र में बनने वाली विष्झाु प्रयाग जल विद्युत परियोजना को उप्र सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य गठन से पहले  जे पी वैचर्स को बेच दी थी जिसका मात्र 12 प्रतिशत बिजली रायल्टी के रुप में उत्तराखण्ड को मिलती है। जे पी वैंचर्स और ऊर्जा निगम का लेन-देन को लेकर विवाद में उसने उत्तराखण्ड की सरकारी कम्पनी रास्ता बन्द कर दिया। जो कम्पनी सरकारी कम्पनी यानी सरकार का रास्ता रोक दे उससे तो आप नही निबट सकते लेकिन ग्राम समाज की जिस भूमि को जिन्दल को न देने की मांग कर रहे उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के कंन्द्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी व रेखा धस्माना को न केवल पिटवाते हैं बल्कि गम्भीरतम धाराओं में बन्द भी करवाते हैं।   
    जो अफसर साहिबान को झंडा उतारते समय मूक दर्शक बताया जा रहा है उनमें से एक को आईएएस तथा दूसरी पीसीएस अधिकारी रहा होगा। और इनकी अभी लम्बी सेवाऐं होंगी। हरीश रावत या कोई भी सरकार अजर-अमर नही है और उनके कुकर्म लामबगड भूस्खलन के के कोड की तरह हमेशा दिखाई देंगे। ये अफसर देश और प्रदेश को कैसी सेवा देंगे घटना पर उनकी भूमिका से परिचय मिल रहा है।
   प्रदेश को जल विद्युत परियोजनाओं अथवा इण्टर नेशनल स्कूलों के नाम पर बेच खाने वालों का कोई इतिहास नही होगा। हां दादागिरी-गुण्डागर्दी जितनी कर लो। 


बुधवार, 27 जनवरी 2016

जिन्‍दल के नाम भूमि पटटा नही है नैनीसार में

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मंगलवार, 26 जनवरी 2016

उत्‍तराखण्‍ड परिवर्तन पार्टी का नैनीसार में प्रर्दष्‍ज्ान जिसमें उत्‍तराखण्‍ड से कई संगठनों के लोग शामिल हुए

आधा घंटा पहले नैनीसार से वापस लौटा हूँ। 'गण' इस ओर अपना अस्तित्व बचाने के लिये जूझ रहा था तो 'तंत्र' संविधान की हत्या कर लूट को ताकत से सही सिद्ध करने के लिये।
यह जीवन का पहला गणतंत्र दिवस था, जो संघर्ष के बीच बीता।
बधाई कैसे दूँ ?

सोमवार, 25 जनवरी 2016

गणतंत्र के गण जागो, तुम्हारी श्रेष्ठता अपहरित हो रही है

      67 वें गणतंत्र दिवस पर स्वतंत्रता कोटि-कोटि सेनानियों को जिन्होंने अपना सर्वस्व आजादी की लडाई में बलिदान कर दिया नमन और श्रद्धासुमन, उस लडाई के जो मुट्ठी भर लोग हमारे बीच हैं उन्हें सादर प्रणाम।
   सन् 1950 में आज ही दिन भारतीय लोकतंत्र को संचालित करने वाले संविधान के लागू होने की वर्षगांठ में आप सब स्वतंत्रता प्रेमियों का हार्दिक अभिनन्दन।
 मित्रों 66 वर्ष एक लम्बा कालखण्ड है जो दिखाता है कि लोकतंत्र के प्रति हम निष्ठावान हैं लेकिन इसी कालक्रम में बहुत सी बुराईयां कोढ की तरह उगी हैं। जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा स्थापित गणतंत्र में गण की श्रेष्ठता के सिद्धांत बलि चढते रहे हैं और उसकी भूमिका चुनाव में वोट की श्रेष्ठता से आगे नही बढी है। जो तंत्र विधायिका और कार्यपालिका उसकी सहायता के लिए थी वह आज उसकी शासक बन गयी है।
   त्ंात्र की मनमानी इतनी बढ गयी है कि न्यायपालिका को कई बार उसे निर्देश देने पडे हैं यह लोकतंत्र की विफलता है कि उसका कोई अंग उतना सक्रीय और दूसरा इतना अक्षम हो जाय कि अपने कर्तव्यों का पालन न करे अथवा अपना अधिकार न ले सके। गण पर हावी ऐसे तंत्र माफिया तंत्र हैं जो जनता के अधिकारों का अपहरण करते हैं।
   गणतंत्र दिवस पर गण के जागने के आह्वान के साथ उसके श्रेष्ठता के अपहरताओं के विनास की कामना। जय भारत, जय जन-गण।  

चकबन्दी दिवस कार्यक्रम में केन्द्रीय ग्रामीणविकास तथा मुख्यमंत्री व कृषिमंत्री करेंगे शिरकत 1 मार्च को गैरसैंण में होगा आयोजित


       गैरसैंण, 25 जनवरी, 
         1मार्च को गैरसैंण में आयोजित होने वाले चकबन्दी दिवस कार्यक्रम में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्रसिंह तथा मुख्यमंत्री हरीश रावत व कृषिमंत्री हरक सिंह रावत शिरकत करेंगे।
 एस बी एम ए सलियाण बैण्ड में आयोजित तैयारी समिति की बैठक में आयोजक संस्था गरीब क्रांन्ति   अभियान के संयोजक कपिल डोभाल ने बताया कि चकबन्दी दिवस कार्यक्रम में केन्छ्रीय मंत्री वीरेन्द्रसिंह तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत व कृषि मंत्री हरकसिंह रावत प्रतिभाग करेंगे।
 चकबन्दी आन्दोलन के ललित कोठियाल ने गरीब क्रांति अभियान के अब तक के कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। राजकीय इण्टर कालेज क्रीडागन में होने वाले कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से सम्बन्धित 20-25 स्टाल लगाये जायेंग तथा कार्यक्रम में सास्कृतिक  कार्यक्रमों छटा बिखरेगी।
   उत्तराखण्ड के विचार को प्रस्तुत करने वाले गैरसैंण में हो रहे बडे आयोजन में सामाजिक कार्यकर्तााओं, जन प्रतिनिधियों किसान व महिलागों की विशेष भागीदारी रहेगी।
 बैठक में गढवालइनवायरमेंट एजूकेशन समिति सचिव हेम गैरोला, एस बी एम ए प्लान के गजेन्द्र नौटियाल, अरविन्द पुरोहित, विनोद बंगवाल, मुन्नी नेगी, निर्मला चैहान, स्थानीय संयोजक कुलदीप नेगी व दिलीपसिंह, सभासद कुसुमलता गैडी, मनोज मणि, आशीष रावत, संदीप पटवाल आदि शामिल थे।

रविवार, 24 जनवरी 2016

नैनीसार- निर्णायक जंग के ऐलान का समय उपपा अध्यक्ष पर हमला उत्तराखण्ड को चुनौती

पुरुषोत्तम असनोड़ा
        अल्मोडा जिले के द्वारसों नैनीसार में उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी केन्द्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी पर हुआ हमला उत्तराखण्डी अवधारणाओं को मिली चुनौती के रुप में लिया जाना चाहिए।नैनीसार में जिन्दल ग्रुप के हिमांशु एजूकेशनल सोसायटी को बिना औपचारिकता पूरी किए 353 नाली भूमि आवंटित कर मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन सरकार और जिन्दल ग्रुप की मिली भगत के लिए पर्याप्त है।
   23 जनवरी को नैनीसार में जिन्दल ग्रुप के बाउंसरों ने जिस प्रकार उपपा केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी और पार्टी कार्यकर्ता रेखा धस्माना पर हमला कर बंधक बनाया वह उत्तराखण्ड के लिए किसी चुनौती से कम नही है। कम इसलिए नही कि नैनीसार की जमीन जिन्दल ग्रुप को देने के खिलाफ उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी पिछले 4 माह से आन्दोलित है उसके केन्द्रीय अध्यक्ष को 11 साथियों के साथ शान्ति भंग की आशंका के तहत जेल डाल दिया जाता है और हमलावरों को पुलिस साफ बचा कर ले जाती है जिनके विरुद्ध हमला, जान से मारने की कोशिश और लूट जैसे अपराध की तहरीर राजस्व पुलिस को दी जा चुकी है।  पी सी तिवारी व रेखा धस्माना को  12 घंटे तक उपचार न मिलना कितना तकलीफदेह है।
    शनिवार की घटना पर रामनगर, अल्मोडा, नैनीताल और देहरादून सहित कई स्थानों पर प्रतिक्रिया हुई है। जुलूस, प्रदर्शन, धरना और चक्का जाम आयोजित हुए हैं और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया है। ये सिलसिला क्रमशः बढेगा। पिछले महिने बेडीनाग के राई आगर में  खनन माफिया ने गांव वालों पर फायरिेग की थी, वहां से भी मुख्य अभियुक्त को छोड दिया गया। सन् 2004 में ही उत्तराखण्ड और राजधानी आन्दोलन में 13 बार अनशन कर चुके बाबा मोहन उत्तराखण्डी को 38 दिन अनशन से उठा कर मार दिया गया और आतताई मौज कर रहे हैं।
   पी सी केवल नैनीसार के मामले में विरोध कर रहे हों ऐसा नही है। छात्र जीवन से ही आम जन की लडाई का यह सिपाही पहली बार सन् 1978 के वन आन्दोलन में जेल गया, तब से आन्दोलन और जेल जैसे उनका दूसरा घर हो गया। नशा नही रोजगार दो आन्दोलन, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन और उत्तराखण्डी सोच और अस्मिता, जल- जंगल-जमीन, माफिया संस्कृति विरोधी हर आन्दोलन के वे अगुवा हैं।
  पी सी का दमन उत्तराखण्ड के सवालों का दमन है और हरीश रावत एण्ड कम्पनी  अच्छी तरह जता देना चाहती है कि उत्तराखण्ड के मुखरतम लोगों  से वह कैसे निबटेगी? अब सवाल प्रतिकार का है। हमने बाबा मोहन उत्तराखण्डी को बहुत सस्ते में खो दिया उनके हत्यारे चिन्हित ही नही हुए। सरकारी जांच लिपा-पोती बन गयी। क्या हम हर दमन को सस्ते में ले लें और उत्तराखण्ड के विनास को स्वीकार लें? हरीश रावत  को उनके हाई कमान ने ऐसी छूट दी हो लेकिन उत्तराखण्ड की जनता ने तो नही दी ना? फिर ये जिन्दल, ये खनन माफिया क्या हैं? साफ है कि सरकार के पाले पोसे गुण्डे हैं नही तो नैनीसार में जिस जिन्दल ग्रुप को जमीन आवंटन का विरोध हे रहा है उसी जिन्दल को केदारनाथ में पुनर्निर्माण के लिए आमंत्रित किया गया है।
  लडाई सत्ता-नौकरशाही- माफिया त्रिकोण के साथ है। जनता का पक्ष हमेशा प्रवल रहा है क्या उस परम्परा को हम बट्टा लगने देंगे? पी सी तिवारी  जैसे लोगों को समझना चाहिए कि सन् 1995-96 में आईएफडब्लूजे के इलाहाबाद अधिवेशन में मुज्फ्फरनगर कांड  व अखबारों पर हल्ला बोल के विरोध में उ प्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायमसिंह यादव के मुंह पर मुलायम सिंह मुर्दावाद के नारे लगना हरीश रावत एण्ड कम्पनी के विरुद्ध आन्दोलन चलाने से अधिक सरल और सुनने वाले में कहीं न कही सुनने की कुब्बत अधिक रही होगी। आपको मुख्य मंत्री के आगमन के तीन स्थानों पर रोक दिया गया। और हरीश रावत तब भी अपने कार्यों को जनता की अपेक्षा कहते हैं। उन्होंने साफ लहजे में धमकी दी थी कि लोगों को यदि विकास और शिक्षा नही चाहिए तो नैनीसार का आवंटन रद्द कर देंगे। अजब तानाशाही है। आप अपने लगाव जिन्दल या किसी के साथ रखिए लेकिन उत्तराखण्ड की कीमत पर नही।  जिस विकास में उत्तराखण्ड  के हितों का सिपाही हमले का शिकार हो और और जिस शिक्षा के लिए नैनीसार जैसी भूमि पर माफिया नजर गडाये हों न ऐसा विकास चाहिए और न ऐसी शिक्षा।

शनिवार, 23 जनवरी 2016

उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी केन्द्रीय अध्यक्ष पर हमला, नैनीसार में उठा कर ले गये जिन्दल के बाउन्सर

गैरसैंण, 23 जनवरी, उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी पर जिन्दल गु्रप के बाउन्सरों के हमले की खबर है। नैनीसार में सिविल जज न्यायालय से मिले स्टे से अवगत कराने सम्बन्धं नैनीसार गये पी सी तिवारी को बूरी तरह घायल कर बाउन्सर उन्हें अपने साथ ले गये हैं। उनके साथ रेखा धस्माना सहित अन्य लोगों को भी मारा पीटा गया है।रानीखेत के एसडीएम व तहसीलदार घटनास्थल को रवाना हो गये हैं 
    पार्टी केन्द्रीय महासचिव प्रभात ध्यानी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उपपा कंन्द्रीय अध्यक्ष पर जानलेवा हमला हुआ है और गुण्डों द्वारा उन्हें अपने साथ ले जाये जाने से उनकी जान को खतरा बन गया है। उन्होंने कहा- यह हमला सरकार की शह पर जिन्दल के गुण्डों ने किया है।
 उत्तराखण्ड चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी समिति केन्द्रीय प्रवक्ता पुरुषोत्तम असनोड़ा ने हमले की निन्दा करते हुए यदि पी सी के जीवन को कोई नुकसान हुआ तो जिम्मेदारी सरकार की होगी क्योंकि नैनीसार मामले में सरकार पूरी तरह लिपटी हुई है। 
 पी सी तिवारी व रेखा धस्माना ने बताया कि लगभग 100 लोगों ने उन्हें पकडों मारो च्ल्लिाते हुए प्राणघातक हमला किया  और घसीट कर उन्हें अन्दर ले गये हैं उपपा केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा- यह हमला मुख्य मंत्री की शह पर हुआ है।
   अब तक के अपडेट के अनुसार पी सी तिवारी ने हमलावरों की गिरफ्तारी से पहले बंधक बनाये स्थान से जाने से इंकार कर दिया है। रानीखेत एस डी एम व तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ नैनीसार में जिन्दल ग्रुप द्वारा कब्जाई जगह पर उपस्थित हैं।