शनिवार, 5 दिसंबर 2015

सुनाली व जैंटी आपदा प्रभावित 39 परिवारों ने किया गृह प्रवेश

    गैरसैंण
जनपद के सुनाली एवं जेटी गाॅव के 2013 मे आपदा से प्रभावित 39 परिवारों का उपाध्यक्ष विधानसभा/विधायक कर्णप्रयाग के कर कमलों से गृह प्रवेश किया गया।
गुरूवार को जून 2013 की आपदा से प्रभावित जनपद के सुनाली एवं जेटी गांव के 39 परिवारों द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा संचालित आवास नीति के तहत सरकार द्वारा संचालित आवास नीति के तहत नवनिर्मित घरों में उपाध्यक्ष डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी की उपस्थिति में गृह प्रवेश किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्मित भवनों का पाॅच लाख रू0 का दस वर्ष तक इनश्योरेंस के पाॅलिसी बाॅण्ड भी लाभार्थियों को वितरित किये।
इस अवसर पर राइका कोट कण्डारा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए स्वयं भवन निर्माण ओडीसीएच का विकल्प दिया गया है। जिसके तहत जनपद में 2013 की आपदा से प्रभावित 584 परिवारों को अपना आशियाना शीघ्र मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा भवन निर्माण के लिए पाॅच डिजायन तैयार कर प्रभावितों को दिया गया है। इसके अलावा यह भी विकल्प दिया गया है कि प्रभावित भवन स्वामी अपने भवन का डिजायन अपनी आवश्यकतानुसार तैयार कर सकता है। कहा कि 584 लाभार्थियों में से 549 लाभार्थियों द्वारा अपने भवनों का डि़जायन तकनीकी एजेन्सी सुधा के फील्ड़ इन्जीनियर के साथ मिलकर किया गया है।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक सुधा एजेन्सी दिनेश तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि इस परियोजना के तहत उत्तराखण्ड आवास नीति के तहत भवनों का निर्माण कम से कम 40 स्क्वायर मी0 में करने का प्रावधान रखा गया जिसमें 2 कमरे एक बरामदा, कीचन एवं शौचालय का निर्माण होना है। भूकम्प अवरोधी भवन निर्माण होने के पश्चात राज्य सरकार द्वारा भवन का 5 लाख  रू0 का दस वर्ष का बीमा किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर शिकायत पंजिका का प्रावधान रखा गया है। भवन निर्माण सुरक्षित भूमि पर हो इसके लिए भवन निर्माण से पूर्व भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाया गया। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर भवन निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की आवास नीति के तहत 95 गांवों के 584 परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा चयनित किया गया है इन परिवारों को भवन निर्माण के लिए 5 लाख रू0 चार किस्तों मे निर्गत करने का प्रावधान रखा गया है। सहमति पत्र हस्ताक्षर होने पर प्रथम किस्त के रूप में एक लाख पचास हजार, भवन फाउण्डेशन निर्माण पूर्ण होने पर द्वितीय किस्त के रूप में दो लाख, लेण्टर बैंड पर तीसरी किस्त के रूप में एक लाख तथा भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने पर पचास हजार भुगतान किया जाता है। जनपद में 487 लाभार्थियों को मासिक किराया तीन हजार रू0 जून 2014 से मई 2015 तक दिया गया है। बताया कि जनपद में 584 प्रभावितों के भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में सभी लाभार्थियों को एक लाख पचास हजार भुगतान किया जा चुका है। 555 को द्वितीय किस्त, 424 लाभार्थियों को तृतीय किस्त तथा 219 लाभार्थियों को चैथी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। दिसम्बर तक शेष सभी परिवारों को सभी किस्तों का भुगतान किया जाना है। बताया कि तहसील जोशीमठ में 34 परिवारों, तहसील चमोली के छिनका बौंला में 7 परिवारों एवं पोखरी तहसील के ग्राम रानौं में 7 परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा भूमि उपलब्ध करायी गयी है। इसके अलावा छिनका एवं थराली के 187 लाभार्थी जिनके पास भूमि उपलब्ध नहीं थी तकनीकी एजेन्सी एवं जिला प्रशासन के समन्वय से भवन निर्माण हेतु भूमि सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि तहसील कर्णप्रयाग के सुनाली, जेटी, जोशीमठ तहसील के पुलना भ्यूंडार, थराली तहसील के त्यूला, छिपाली, भ्याड़ी, चमोली तहसील के छिनका के 75 लाभार्थियों द्वारा कलस्टर एप्रोच में भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी/प्रभारी जिलाधिकारी चमोली रामजी शरण शर्मा, ग्राम प्रधान सोनाली, बातौड़ी, नौली, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी नन्द किशोर जोशी, जिला परियोजना प्रबन्धक आपदा रिकवरी प्रकाश रतूड़ी सहित अनेक महिला समूह तथा भवन स्वामी मौजूद थे।

जन सूचना अभियान के अंतिम दिन बाल शिक्षा पर विषेश बल

गैरसैंण,   
        चमोली जिले के जयकंडी-कालेश्वर में आयोजित 3-दिवसीय जन सूचना अभियान आज सम्पन्न हो गया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि राज्य विधानसभा उपाध्यक्ष, डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भोटिया जनजाति बहुल इस दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित जन सूचना अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की विकास और जन कल्याण की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने में बड़ी सहायता मिली है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन योजनाओं का पूरा फायदा उठाएं। इस अवसर पर श्री मैखुरी ने पुरस्कार वितरण किया और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित कालेश्वर की लड़की स्वर्गीय मोनिका के पिता चन्द्रमोहन सिंह और माता कमला देवी को भी सम्मानित किया। मोनिका ने पिछले वर्ष कालेश्वर की 2 लड़कियों को अलकनन्दा में बहने से बचाया, लेकिन इस प्रयास में उनकी जान चली गई। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए 24 प्रदर्शनी स्टाॅलों में सर्वोत्तम स्टाॅल का पुरस्कार सर्व शिक्षा अभियान, चमोली को दिया गया। दूसरा और तीसरा पुरस्कार क्रमशः हिमालयन उद्योग कौशल विकास एवं प्रशिक्षण समिति, नगरासू और जागृति सेवा समिति, देवतोली को प्रदान किया गया।
अभियान के दौरान आज आयोजित किए गए कार्यक्रमों में सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार कानून और मध्याह्न भोजन योजना पर विशेषज्ञों की वार्ता तथा सर्व शिक्षा रैली शामिल है। सर्व शिक्षा रैली जयकंडी-कालेश्वर मैदान से निकाली गई, जो कालेश्वर बाजार होते हुए वापस इसी मैदान में सम्पन्न हुई। रैली में स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बच्चों ने अपने हाथों में सर्व शिक्षा के संदेश की तख्तियां लेते हुए नारे लगाकर लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में जागृत किया। सर्व शिक्षा अभियान के जिला संयोजक, सुभाष चन्द्र बड़थ्वाल ने बताया कि वर्तमान में चमोली जिले में 6 से 14 वर्ष की आयु का कोई भी बच्चा विद्यालयी शिक्षा से वंचित नहीं है। जिले के 101 विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे, जो पहले गृह आधारित शिक्षा पाते थे, वर्तमान में एस्काॅर्ट सुविधा से कवर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक शिक्षा के तहत भिखारी, खनन क्षेत्र में कार्यरत मजदूर, घुमंतु और प्रवासियों के बच्चों के लिए आवासीय या गैर आवासीय शिक्षण के लिए बहुद्देशीय वाहन पहल कार्यक्रम शुरु किया गया है। समावेशी शिक्षा के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों हेतु परीक्षा उपकरण बांटना, परिवहन एस्काॅर्ट उपलब्ध कराना और  बड़ी छपी पुस्तक या ब्रेल किताब देना शामिल है।
विषय विशेषज्ञ, चण्डी प्रसाद नौटियाल ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत प्रत्येक मान्यता प्राप्त विद्यालय में पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें अपवंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्ति किया गया है कि इन बच्चों के प्रवेश के लिए कोई विद्यालय कैपिटेशन फीस न वसूल सके। इसके अलावा इन बच्चों को किताब, वर्दी और भोजन हेतु धनराशि उनके बचत खातों में जमा की जाती है तथा शिक्षण शुल्क के रूप में संबंधित विद्यालय को प्रति छात्र अधिकतम रु0 1,383 दिए जाते हैं।
ब्लाॅक समन्वयक, जी.एल. भारती ने मध्याह्न भोजन के बारे में बताया कि प्राथमिक स्तर पर 100 ग्राम प्रति छात्र और उच्च प्राथमिक स्तर पर 150 ग्राम प्रति छात्र प्रतिदिन के हिसाब से केंद्र सरकार के द्वारा खाद्यान्न निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही दाल, तेल, मसाले, नमक और ईंधन हेतु प्राथमिक स्तर पर रु0 3.76 प्रति छात्र और उच्च प्राथमिक स्तर पर रु0 5.64 प्रति छात्र प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाते हैं।
आज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष रूप से दर्शकों के लिए मनोरंजक और आकर्षक रहीं। भोटिया महिला मंगल दल, कालेश्वर द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम को दर्शकों ने खूब सराहा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, घाट के बच्चों ने जूडो प्रदर्शन दिखाया।







गुरुवार, 3 दिसंबर 2015

नेपाल से संबन्ध सुधारने होंगे राजनैतिक व कूटनीतिक तत्परता जरुरी

   
              नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे ने माना है कि भारत और नेपाल के संबन्ध प्रभावित हुए हैं। नेपाल में संविधान सभा द्वारा संविधान स्वीकृति के बाद वहां तनाव है और नेपाल के लिए भारतीय सामान आवाजाही नही हो पा रही है। इसका कारण नेपाल की आंतरिक स्थितियां तो हैं ही भारत की विदेश नीति की भी असफलता है। नेपाल हमारा न केवल पडोसी देश है बल्कि वहां रोटी-बेटी के संबन्ध हैं जो किसी भी और पडोसी देश के साथ नही हैं। नेपाल से मिलने वाली सीमा उत्तराखण्ड, उ प्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम से मिलती हैं और इतने राज्यों की सीमाओं के लोग आपस में घुलमिल कर रहते हैं।
            नेपाल में राजशाही के खत्मे के साथ वहां की राजनैतिक स्थितियां बदली हैं और वहां भारत के प्रति कहीं न कही अविश्वास के भाव पनपे हैं चाहे वह संख्या न्यून हो। लमबे वाम आन्दोलन के बाद संसद में नेपाली कांगे्रस का वह प्रभाव नही रहा जो राजशाही के दौर में हुआ करता था।  नेपाल के साथ संबन्धों की मधुरता कुटनीतिक तौर भी माने रखती है, भारत से सहायता न मिलने की स्थिति में  नेपाल चीन से संबन्ध बनायेगा। भोगौलिक दुरुहता अब तक उसकी राह रोकती रही है और एक बार चीन-नेपाल उस भेगौलिकता पर विजय पा लें तो भारत की उसे उस हद तक आश्रित रहने की जरुरत नही होगी।
        भारतीय विदेश नीति दूसरी बार नेपाल मामले में असफल सिद्ध हुई है। वहां के विनाशकारी भूकंम्प में  नेपाल ने भारतीय सहायता से इंकार के बाद वर्तमान में वहां भारत के विरुद्ध देखी जा रही प्रतिक्रिया किसी सफल विदेश नीति का संकेत नही है। नेपाल के साथ संबन्धों का बिगाड पहले से ही खराब पडोस के चलते हमारे लिए दुरूवारियां ही पैदा करेगी।
        हमारे साउथ और नोर्थ ब्लाक के अधिकारी किस योग्यता से नेपाल संबन्धों को देखते हैं और प्रधान मंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक इस स्थिति को संभालने में तत्पर होते हैं यही नेपाल व भरत के संबन्धों के गतिरोध को तोडेगा।  

केन्द्र सरकार का तीन दिवसीय जनसूचना अभियान प्रारम्भ


गैरसैंण, 
            भारत सरकार की विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में आयोजित तीन दिवसीय जन सूचना अभियान आज चमोली जिले के जयकंडी-कालेश्वर में शुरु हो गया। राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष अनसूया प्रसाद मैखुरी ने अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे विकास योजनाओं में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। उन्हांेने कहा कि समावेशी विकास के लिए जरूरी है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचे। श्री मैखुरी ने कहा कि लोगों को जागरूक करने में जन सूचना अभियान जैसे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जयकंडी-कालेश्वर सीमावर्ती चमोली जिले का भोटिया जन जाति बहुल क्षेत्र है और यह अभियान उनके विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें। 
        नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, आशीष भण्डारी ने प्रधानमंत्री जन धन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक इसके तहत देश में 19 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं और लोगों ने लगभग 26 हजार करोड़ रुपए इनमें जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर परिवार का एक बैंक खाता खुलवाकर उन्हें बैंकों की सुविधाएं मुहैया कराना है। इसमें 6 महीने तक खाता संतोषजनक ढंग से चलने पर खाताधारक को 5 हजार रुपए के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को भी इससे जोड़ा गया है। इनमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना शामिल हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 18 से 70 वर्ष के सभी बचत खाताधारकों को 12 रुपए के वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु पर 2 लाख रुपए और स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपए की राशि मिलती हैं। जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 से 50 वर्ष के खाताधारक को 330 रुपए वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए तक की बीमा राशि मिलती है। श्री भण्डारी ने बताया कि अटल पेंशन योजना को 18 से 40 वर्ष के व्यक्ति अपना सकते हैं और 60 वर्ष की आयु से उन्हें न्यूनतम पेंशन मिलनी शुरु हो जाएगी।
       कर्णप्रयाग की ब्लाॅक प्रमुख, राधा देवी ने महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि हमें लड़कियों को न केवल सुरक्षित रखना है, बल्कि उनको पढ़ा-लिखाकर जीवन में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए स्कूलों में लड़कियों को विशेष सुविधाएं दे रही है। खण्ड विकास अधिकारी, देवी दत्त उनियाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के बारे में ग्रामीणों को बताया कि इसके तहत गरीब परिवार के सदस्य को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। रोजगार लेने का इच्छुक व्यक्ति इसके लिए आवेदन करता है और रोजगार न मिलने की दशा में अधिकारियों से पारिश्रमिक का दावा ले सकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की खास बात ये है कि रोजगार की व्यवस्था लाभार्थियों को उनके गांवों के आस-पास ही की जाती है।
       जन सूचना अभियान का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (पी.आई.बी.) देहरादून द्वारा किया गया है और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अन्य मीडिया इकाइयां जैसे क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय, विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय, गीत एवं नाटक प्रभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन, सार्वजनिक उपक्रम और गैर सरकारी संगठन भी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।

बुधवार, 2 दिसंबर 2015

मुख्यमंत्री जी! विकास और अच्छी शिक्षा जनता का हक है

   मुख्यमंत्री जी! विकास और अच्छी शिक्षा जनता का हक है
बीते रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अल्मोडा में नैनीसार मामले में जिस ढंग से सफाई दी वह किसी धमकी से कम नही है । अखबारों में प्रकाशित बयान के अनुसार मुख्य मंत्री कहा-यदि जनता को विकास और अच्छा स्कूल नही चाहिए तो नैनीसार का आवंटन वापस ले लेंगे। इसका अर्थ है मुख्य मंत्री ने नैनीसार को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है और इससे यह ध्वनि स्वाभाविक रुप से निकलती है कि नैनीसार प्रकरण में दाल में काला है।
    मुख्यमंत्री जी! अच्छा स्कूल और विकास किसे नही चाहिए? यह दुर्भाग्य है कि जिस शराब से उत्तराखण्ड त्रस्त है वही शराब उत्तराखण्ड सरकार आय के प्रमुख स्रोत के रुप अपना चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने जब शराब बन्दी की घोषणा की तो आपने कहा-उत्तराखण्ड में शराबबन्दी नही होने जा रही है। अब आप कहते हैं विकास और अच्छे स्कूल नही चाहिए उस स्थिति में जनता की जमीन जनता को वापस करोगे। अजब दादागिरी है भाई!
  मुख्यमंत्री जी विकास और अच्छी शिक्षा प्रदेश और देश की जनता का हक है और उसी के लिए वह सरकार चुनती है। राज्य का विकास आपका दायित्व है, तब आप विकास की शर्त पर जिन्दल को भूमि देने पर कैसे अडे रह सकते हैं?
   आपने एक और बात कही है वह कि नैनीसार में भूमि आवंटन का विरोध राजनैतिक है। नैनीसार में मुखर रुप से क्षेत्रीय राजनैतिक दल उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी विरोध कर रही है। यदि उपपा के विरोध को आपने नोटिस किया है तो यह उत्तराखण्ड की राजनीति के लिए अच्छा है। दशकों से जनता की लडाई लड रहे लोग यदि वैकल्पिक राजनीति के तौर पर सामने आते हैं तो निश्चित रुप से माफियाराज खत्म हो जायेगा। तब माफिया हितों की लडाई विधान सत्रों को नही धोयेगी, उत्तरााखण्ड को उत्तराखण्डी परिकल्पनाओं का राज्य मिल पायेगा।  

मंगलवार, 1 दिसंबर 2015

गुरिल्लों को सरकारी सेवा में लेने व पेंशन का लाभ देने की मांग

गुरिल्लों को सरकारी सेवा में लेने व पेंशन का लाभ देने की मांग
गैरसैंण,
   रामलीला मैदान मे एसएसबी गुरिल्ला स्वयं सेवक संगठन की ब्लाॅक स्तरीय बैठक आयोजित हुई। गुरिल्ला संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानन्द डालाकोटी ने अपने हकों के लिए एक बडे आन्दोलन के लिए तैयार रहने का आवह्न किया। उन्होनें कहा तीन सूत्रिय मांगे जिनमें गुरिल्लों को सरकारी सेवा में लेने पेंशन तथा आश्रितों को सेवा या पेंशन का लाभ देने की मांग शामिल हैं पर संर्घष जारी रहेगा।
    जिलाध्यक्ष चमोली गुलाब सिंह बिष्ट ने कहा हमारे सांसदों ने गुरिल्लों के मामलों में सरकार व संसद में प्रभावी दबाव नहीं बनाया। ब्लाॅक अध्यक्ष रणजीत शाह ने कहा गुरिल्लों की एकता ही उन्हें विजय दिलायेगी।
   बैठक में दरवान लाल, चन्द्र मोहन नेगी, बलवन्त सिंह, पुष्कर सिंह, शीला देवी, कर्मा देवी, रणजीत सिंह, पुष्पा देवी, राजेन्द्र सिंह, सती देवी, नन्दी देवी, आलम सिंह, गबर सिंह रावत, मोहन सिंह, हरी राम, बसन्त लाल, केदारी राम, गोविन्द सिंह आदि उपस्थित थे।


Congratution Mark Zukerberg and Prescilla Chan for new born baby, wish you good luck.
                                                                                    Gairsain Samachar