सोमवार, 23 नवंबर 2015

विकास योजनाओं की जानकारी के लिए प्रकाशित होगी विकास पुस्तिका
गैरसैंण, 23 नवम्बर
                जिला मुख्यालय में जिलास्तरीय अधिकारियों की बै्रठक में जिलाधिकारी ने जिले में संचालित हो रही योजनाओं एवं गतिविधियों से आम नागरिक को अवगत कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा- प्रत्येक विभाग की लाभकारी योजनाओं की जानकारी के लिए एक विकास विकास पुस्तिका प्रकाशित की जायेगी। जो आमजन के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।
       यह पुस्तिका आॅन लाइन भी उपलब्ध रहेगी। इस पुस्तिका को छापने का प्रयास जिले मे पहली बार किया जा रहा है। यह विकास पुस्तिका विद्यालयों को भी प्राप्त होगी। विद्यालयों में मार्निंग एसेंबली के समय एक दिन में एक विभाग की योजना पर 5 मिनट तक जानकारी दी जायेगी तथा बच्चों को प्रोत्साहित किया जायेगा कि वे विभागीय योजनाओं के बारे में अपने घर तथा आस पडोस मे बताये।
                बैठक में जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय पर डामरीकरण की घटिया गुणवत्ता को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग को सख्त हिदायत दी कि वे गुणवत्ता के साथ कार्य करें। उन्होंने अवगत कराया कि पूर्व में जहाॅ जिले में आॅन लाइन भूमि हस्तांतरण के 4 मामलों में क्लीयरेंस प्राप्त हुई वहीं वर्तमान में जिले में आॅन लाइन भूमि हस्तांतरण के कुल 27 मामलों में क्लीयरेंस प्राप्त हो चुकी है।
                बैठक में परियोजना निदेशक पुष्पेन्द्र चैहान, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान जेपी जोशी, आयुर्वेदिक अधिकारी एस पुरोहित, मुख्य कृषि अधिकारी दिनेश कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव, जिला उद्यान अधिकारी एस एल शाह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
                                                                          
         


रविवार, 22 नवंबर 2015

     ठेठ पहाड से- दस्तक, पहाड को संवेदनाओं की दस्तक
  केदार घाटी के अगस्त्यमुनी से प्रकाशित जिजीविषा, संघर्षऔर उत्तराखण्डी आशा- अपेक्षाओं सहित्य और लोक कलाओं के समर्पित सिपाही दीपक बैंजवाल के संपादन की त्रैमासिक पत्रिका जो जुलाई से अगस्त संयुक्तांक है।संपादकीय में मुसीबतों से लडना सिखाती पोखरी की एक बेटी किसी भी पहाडी लडकी की दास्तान हो सकती है।
   पर्वतीय राज्य की अवधारणाओं को कौन लगा रहा है पलीता- शंकरसिंह भाटिया, हिमालय के साथ हिमालयवासियों की चिन्ता जरुरी- जयसिंह रावत, उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक- दीपक बैंजवाल, उत्तराखण्ड में उम्मीदों की टकटकी- हरीश गुसांई, जडों से जुडने के ग्रामोत्सव व मेरे गांव- मेरी पहचान ग्राम कौथीग- गजेन्द्र रौतेला,अंजली रौतेला विचारोत्तेजक आलेख हैं।
अनिल बहुगुणा का आलेख- छोडी शहरों की शानोओ शौकत-लौट आये पहाड, पौडी के बकरोड गांव के दो बुजर्गों हरिसिंह चैहान व मनोहर सिंह चैहान का  अपने गांव लौट आना और पौडी के वरिष्ठ सर्जन डा महेश चन्द्र भट्ट का अपने पैतृक गांव में नियमित सेवा कार्य उम्मीदों को जगाने वाले आलेख हैं।
   बी मोहन नेगी द्वारा बनाये गये पहाड का दर्द- हेमा उनियाल, दुधबोली-पूरन पंत पथिक, मेरा मुल्क-पारेश्वर गौड, मोल कुं माधो-विजय कुमार मधुर के कविता चित्र पत्रिका को जीवंतता दे रहे हैं।  संयुक्तांक में साहित्य को विशेष स्थान मिला है। कड़वे दोहे-मनोज दरमोडा, एक था मेरा गांव-हरीश थपलियाल, गढवाली कविता पहाड-अंजली गौउ, रैगी अणव्यव हमरि शिबी-माधवसिंह नेगी, हस्ताक्षर में बेटी पढाओ-ओम प्रकाश चमोला, केदारनाथ त्रासदी- उपासना सेमवाल, पहाडों में -गिरीश बैंजवाल, खा गयी किसकी नजर-संजीव कुमार गुप्ता, गणित-नितीश भण्डारी,आन्दोलनकारी  सुशीला भण्डारी का संकलन- ओ हिमालय  कविताऐ ंहैं  तो हमरि मातृभाषा कखि खिचडी भाषा नि बणि जावू- संदीप रावत आलेख और चैथे खम्बे को डारेक्ट यमलोक-विपिन सेमवाल व्यंग हैं।
    ठेठ पहाडों से पहाडी अंदाज की पत्रिका पत्रकारिता का झंडा बुलन्द करने का सार्थक प्रयास है। सात वयों से निरन्तरता बनाने में संपादक को किन मुश्किलों से गुजरना पडा होगा इसे भुक्तभेगी ही जान पायेगा। अंक का हर पक्ष प्रभावशाली  पठनीय और संग्रहणीय है।

  


ंसैंजी गांव में मकान में लगी आग, नकदी सहित घर का सामान स्वाहा
गैरसैंण, 22 नवम्बर, नगर पंचायत के वार्ड 7 सेंजी में त्रिलोक सिंह नेगी के घर लगी आग में घर की नकदी सहित सारा सामान स्वाहा हो गया।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार दो मंजिला मकान के उपरी मंजिल में देर सायं आग लग गयी उस समय त्रिलोकसिंह व उनकी पत्नी नीचे की मंजिल में बनी रसोई में खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। जब उन्होंने आग की लपटों और धुंये का अहसास हुआ देर हो चुकी थी और नकदी, बिस्तर, कपडे, अनाज सहित सारा सामान जल चुका था। ग्रामवासियों की मदद से बडी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका।
     आग का कारण शोर्ट सर्किट  बताया जा रहा है।  दुर्घटना की सूचना पुलिस को दे दी गयी है।

शनिवार, 21 नवंबर 2015






स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजे गये उत्तराखण्ड एक्सपै्रस सुरेन्द्र भण्डारी
महिला मंगलदल पंवार बाखली व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को विशिष्ट सम्मान
गैरसैंण, 21 नवम्बर,
  यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित समारोह में  सामाजिक कार्यकर्ता, टेªड यूनियन लीडर, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी, विचार-चिंतक चन्द्रसिंह यायावर की 6ठी पुण्य तिथि पर उनके कृतित्व- व्यक्तित्व को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उत्तराखण्ड के पहले एथलीट ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी को खेल देश व प्रदेश को गौरवाविन्त करने हेतु स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजा गया।
   शराबबन्दी तथा गांव में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु खनसर घाटी के पंवार बाखली  कुशरानी महिला मंगल दल तथा राजकीय बालिका इण्टर कालेज की प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को शिक्षण एवं सीमित संसाधनों में अच्छे प्रवन्धन के लिए विशिष्ट सम्मान दिया गया। इस अवसर पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।
   समारोह की विशिष्ट अतिथि क्षेत्र प्रमुख सुमति बिष्ट ने स्व चन्द्र सिंह यायावर को याद करते हूए कहा उनका समर्पण नई पीडी का मार्गदर्शन करेगा। स्व चन्द्रसिंह यायावर को साधारण परिवार के सामान्य व्यक्तित्व का असाधारण सामाजिक सोच का व्यक्ति बताते हुए अध्यक्ष पुरूषोत्तम असनोडा ने कहा उत्तराखण्ड आन्दोलन मैहलचैरी में आधार पुस्तकालय की स्थापना और उत्तरा महोत्सव जैसे आयोजन यायावर जी की इच्छा शक्ति के परिचायक हैं। समिति संरक्षक जानकी रावत ने कहा स्वर्गीय यायावर को बच्चों व महिलाओं से विशेष स्नेह था जिनके अधिकारों की लडाई के वे अगवा थे।
   पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा विराट व्यक्तित्व के धनी यायावर हमारे प्रेरणास्रोत हैं। समिति महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी के संचालन में हुए समारोह को एसबीएमए प्लान परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह, समिति उपाध्यक्ष बी एस बुटोला, अरविन्द पुरोहित, राहुल रावत, विजय रावत, रघुवीर पंवार, हरीश सिंह रावत, एलपी सती, संदीप पटवाल आदि ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी के सी जोशी, शोध छात्र रोशन नैलवाल, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष बृजलाल शाह, पर्वतीय पत्रकार एशोसिएशन प्रान्तीय अध्यक्ष जोध सिंह रावत, ब्लाक काग्रेस कमेटी संरक्षक गोपाल पंत, वन क्षेत्राधिकारी पीएस बुटोला, स्व यायावर सम्मान से पूर्व में सम्मानित, घनश्याम ढौंडियाल व नरेन्द्र सिंह चाकर आदि उपस्थित थे।


उत्तराखण्ड खेल और चुनौती विचार गोष्ठि
उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं तो हैं लेकिन नीति नहीं
गैरसैंण 21 नवम्बर
    यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित विचार गोष्ठि उत्तराखण्ड में खेल और चुनौतियां विषय पर आयोजित विचार गोष्ठि में मुख्य वक्ता ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं हैं लेकिन नीति के अभाव में प्रतिभाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं। उन्होनें कहा प्रदेश का 80 से 90 प्रतिशत टैलेंट है लेकिन सरकारो के पास कोई सोच नहीं है।
   ओलम्पियन भण्डारी ने कहा यदि सरकार कोचिंग इंस्टीटयूट के लिए संसाधन उपलब्ध कराये तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ एस एन सिद्ध ने अन्तराष्ट्रीय राष्ट्रीय तथा प्रादेशिक स्थितियों को सामने रखते हुए कहा विदेशों में जहां खेलों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं हैं वहीं देश में बहुत कम और प्रदेश में तो नही ंके बराबर सुविधांयें हैं। ऐसे में प्रतिभाओं का स्वाभाविक विकास तो होगा लेकिन अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी बनाने की प्रक्रिया हवाबाजी होगी।
    एसबीएमए परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी ने कहा राज्य में एक एस्ट्रोटर्फ है और उसकी गुणवत्ता भी सदिग्ध है। प्रदेश के 11 खेल स्टेडियम में जब पूर्णकालिक कोच ही नहीं हैं तो खिलाडी कैसे विकसित होंगे। पूर्व क्षेत्र प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा सरकार 15 सालों में खेलों के विकास के लिए कुछ नहीं कर पाई है। महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी ने कहा खेलों की सम्यक नीति बनाये बिना खेलों के विकास की बात बेइमानी है। उन्होनें कहा यायावर जन चेतना समिति प्रतिभाओं के विकास के साथ अच्छे कार्यो को प्रोत्साहित करती है। गोष्ठि में वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह ने अन्र्तराष्ट्रीय फुटबाल खिलाडी पुष्कर भण्डारी व ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी की चर्चा करते हुए कहा इन प्रतिभाओं को निखारने में उनका व्यक्तिगत योगदान अधिक है।


सम्मान भरोसा दिलाते हैं
गैरसैंण, 21 नवम्बर
  स्व चन्द्र सिंह यायावर स्मृति सम्मान से नवाजे गये ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री देवी व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत ने एक स्वर में कहा सम्मान भरोसा दिलाते हैं कि उनके कार्यों का मुल्यांकन होरहा है।
  सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उन्होने जो भी उपलब्धि पाई है वह सेना की बदोलत है और सेना ही हर उस सम्मान की हकदार है जो उन्हें मिलता है। प्रधानाचर्य शकुन्तला रावत ने कहा यायावर सम्मान मिलने से उनमें अतिरिक्त आत्मविश्वास जागा है और उन्हे लगता है कि अच्छे कामों पर भी समाज की नजर होती है।
   महिला मंगल दल अध्यक्ष पंवार बाखली सावित्री देवी ने कहा खन्सर घाटी के दुरस्त क्षेत्र में उनके कार्यो की प्रेरणा श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम है जिन्होनें सार्वजनिक रूप से शराब परोसने के खिलाफ महिलाओं को एकत्र किया बचत राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने में मदद की।


सुरेन्द्र भण्डारी को खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग
गैरसैंण, 21 नवम्बर
   यायावर जन चेतना समिति ने उत्तराखण्ड के पहले एथलीट सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न तथा शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग की है।
   उत्तराखण्ड एक्सप्रेस के नाम से जाने जाने वाले लम्बी दुरी के पूर्व धावक सुरेन्द्र भण्डारी ने 2006 के दोहा एशियाई खेल तथा 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अनेक अन्र्तराष्टीय प्रतियोगिताओं में भारत और राष्टीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड को पदक दिलाने वाले सुरेन्द्र भण्डारी के नाम 3000 मीटर व 10000 व 3000 मीटर रिले दौड के राष्ट्रीय रिकार्ड हैं।
    2009 में मांस पेशी में खिचांव के बाद उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने से उनका खेल कैरियर बरबाद हो गया। उस समय वे भारत में लम्बी दुरी के सर्वश्रेष्ठ धावक थे। राष्टीय खेल संस्थान पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा लेने के बाद सुबेदार सुरेन्द्र भण्डारी वर्तमान में राष्टीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षक हैं और द कोरिया में गत वर्ष हुए एशियाई खलों में उनके एक शिष्य ने कांस्य पदक जीता है।
  रा प्रा वि स्यूंणी मल्ली के प्रधानाध्यापक घनश्याम ढौंडियाल शिक्षा में अभिनव प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। उन्होनें राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सबसे पहले अपने विद्यालय में बच्चों के लिए कम्प्यूटर मंगाये। मोटर मार्ग से 4 किमी दूर साइकिल मंगाकर बच्चों को साइकिल चलाना सिखाया। शिक्षण की नवीनतम पद्धतियों के अविष्कारक घनश्याम ढौंडियाल के विद्यालय को शिक्षण भ्रमण टीमें देख चुकी हैं और उनके विद्यालय शिक्षण की सीडी कई राज्यों में शिक्षण का माध्यम बनी हुई है।
   समिति ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की पुरजोर मांग की है।




स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजे गये उत्तराखण्ड एक्सपै्रस सुरेन्द्र भण्डारी
महिला मंगलदल पंवार बाखली व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को विशिष्ट सम्मान
गैरसैंण, 21 नवम्बर,
  यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित समारोह में  सामाजिक कार्यकर्ता, टेªड यूनियन लीडर, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी, विचार-चिंतक चन्द्रसिंह यायावर की 6ठी पुण्य तिथि पर उनके कृतित्व- व्यक्तित्व को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उत्तराखण्ड के पहले एथलीट ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी को खेल देश व प्रदेश को गौरवाविन्त करने हेतु स्व चन्द्रसिंह यायावर सम्मान से नवाजा गया।
   शराबबन्दी तथा गांव में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु खनसर घाटी के पंवार बाखली  कुशरानी महिला मंगल दल तथा राजकीय बालिका इण्टर कालेज की प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत को शिक्षण एवं सीमित संसाधनों में अच्छे प्रवन्धन के लिए विशिष्ट सम्मान दिया गया। इस अवसर पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।
   समारोह की विशिष्ट अतिथि क्षेत्र प्रमुख सुमति बिष्ट ने स्व चन्द्र सिंह यायावर को याद करते हूए कहा उनका समर्पण नई पीडी का मार्गदर्शन करेगा। स्व चन्द्रसिंह यायावर को साधारण परिवार के सामान्य व्यक्तित्व का असाधारण सामाजिक सोच का व्यक्ति बताते हुए अध्यक्ष पुरूषोत्तम असनोडा ने कहा उत्तराखण्ड आन्दोलन मैहलचैरी में आधार पुस्तकालय की स्थापना और उत्तरा महोत्सव जैसे आयोजन यायावर जी की इच्छा शक्ति के परिचायक हैं। समिति संरक्षक जानकी रावत ने कहा स्वर्गीय यायावर को बच्चों व महिलाओं से विशेष स्नेह था जिनके अधिकारों की लडाई के वे अगवा थे।
   पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा विराट व्यक्तित्व के धनी यायावर हमारे प्रेरणास्रोत हैं। समिति महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी के संचालन में हुए समारोह को एसबीएमए प्लान परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह, समिति उपाध्यक्ष बी एस बुटोला, अरविन्द पुरोहित, राहुल रावत, विजय रावत, रघुवीर पंवार, हरीश सिंह रावत, एलपी सती, संदीप पटवाल आदि ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी के सी जोशी, शोध छात्र रोशन नैलवाल, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष बृजलाल शाह, पर्वतीय पत्रकार एशोसिएशन प्रान्तीय अध्यक्ष जोध सिंह रावत, ब्लाक काग्रेस कमेटी संरक्षक गोपाल पंत, वन क्षेत्राधिकारी पीएस बुटोला, स्व यायावर सम्मान से पूर्व में सम्मानित, घनश्याम ढौंडियाल व नरेन्द्र सिंह चाकर आदि उपस्थित थे।


उत्तराखण्ड खेल और चुनौती विचार गोष्ठि
उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं तो हैं लेकिन नीति नहीं
गैरसैंण 21 नवम्बर
    यायावर जन चेतना समिति द्वारा आयोजित विचार गोष्ठि उत्तराखण्ड में खेल और चुनौतियां विषय पर आयोजित विचार गोष्ठि में मुख्य वक्ता ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उत्तराखण्ड में प्रतिभाएं हैं लेकिन नीति के अभाव में प्रतिभाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं। उन्होनें कहा प्रदेश का 80 से 90 प्रतिशत टैलेंट है लेकिन सरकारो के पास कोई सोच नहीं है।
   ओलम्पियन भण्डारी ने कहा यदि सरकार कोचिंग इंस्टीटयूट के लिए संसाधन उपलब्ध कराये तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ एस एन सिद्ध ने अन्तराष्ट्रीय राष्ट्रीय तथा प्रादेशिक स्थितियों को सामने रखते हुए कहा विदेशों में जहां खेलों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं हैं वहीं देश में बहुत कम और प्रदेश में तो नही ंके बराबर सुविधांयें हैं। ऐसे में प्रतिभाओं का स्वाभाविक विकास तो होगा लेकिन अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी बनाने की प्रक्रिया हवाबाजी होगी।
    एसबीएमए परियोजना प्रबन्धक गिरीश डिमरी ने कहा राज्य में एक एस्ट्रोटर्फ है और उसकी गुणवत्ता भी सदिग्ध है। प्रदेश के 11 खेल स्टेडियम में जब पूर्णकालिक कोच ही नहीं हैं तो खिलाडी कैसे विकसित होंगे। पूर्व क्षेत्र प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा सरकार 15 सालों में खेलों के विकास के लिए कुछ नहीं कर पाई है। महासचिव डाॅ चैतन्य भण्डारी ने कहा खेलों की सम्यक नीति बनाये बिना खेलों के विकास की बात बेइमानी है। उन्होनें कहा यायावर जन चेतना समिति प्रतिभाओं के विकास के साथ अच्छे कार्यो को प्रोत्साहित करती है। गोष्ठि में वरिष्ठ पत्रकार बसन्त शाह ने अन्र्तराष्ट्रीय फुटबाल खिलाडी पुष्कर भण्डारी व ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी की चर्चा करते हुए कहा इन प्रतिभाओं को निखारने में उनका व्यक्तिगत योगदान अधिक है।


सम्मान भरोसा दिलाते हैं
गैरसैंण, 21 नवम्बर
  स्व चन्द्र सिंह यायावर स्मृति सम्मान से नवाजे गये ओलम्पियन सुरेन्द्र भण्डारी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री देवी व प्रधानाचार्य शकुन्तला रावत ने एक स्वर में कहा सम्मान भरोसा दिलाते हैं कि उनके कार्यों का मुल्यांकन होरहा है।
  सुरेन्द्र भण्डारी ने कहा उन्होने जो भी उपलब्धि पाई है वह सेना की बदोलत है और सेना ही हर उस सम्मान की हकदार है जो उन्हें मिलता है। प्रधानाचर्य शकुन्तला रावत ने कहा यायावर सम्मान मिलने से उनमें अतिरिक्त आत्मविश्वास जागा है और उन्हे लगता है कि अच्छे कामों पर भी समाज की नजर होती है।
   महिला मंगल दल अध्यक्ष पंवार बाखली सावित्री देवी ने कहा खन्सर घाटी के दुरस्त क्षेत्र में उनके कार्यो की प्रेरणा श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम है जिन्होनें सार्वजनिक रूप से शराब परोसने के खिलाफ महिलाओं को एकत्र किया बचत राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने में मदद की।


सुरेन्द्र भण्डारी को खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग
गैरसैंण, 21 नवम्बर
   यायावर जन चेतना समिति ने उत्तराखण्ड के पहले एथलीट सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न तथा शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग की है।
   उत्तराखण्ड एक्सप्रेस के नाम से जाने जाने वाले लम्बी दुरी के पूर्व धावक सुरेन्द्र भण्डारी ने 2006 के दोहा एशियाई खेल तथा 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अनेक अन्र्तराष्टीय प्रतियोगिताओं में भारत और राष्टीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड को पदक दिलाने वाले सुरेन्द्र भण्डारी के नाम 3000 मीटर व 10000 व 3000 मीटर रिले दौड के राष्ट्रीय रिकार्ड हैं।
    2009 में मांस पेशी में खिचांव के बाद उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने से उनका खेल कैरियर बरबाद हो गया। उस समय वे भारत में लम्बी दुरी के सर्वश्रेष्ठ धावक थे। राष्टीय खेल संस्थान पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा लेने के बाद सुबेदार सुरेन्द्र भण्डारी वर्तमान में राष्टीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षक हैं और द कोरिया में गत वर्ष हुए एशियाई खलों में उनके एक शिष्य ने कांस्य पदक जीता है।
  रा प्रा वि स्यूंणी मल्ली के प्रधानाध्यापक घनश्याम ढौंडियाल शिक्षा में अभिनव प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। उन्होनें राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सबसे पहले अपने विद्यालय में बच्चों के लिए कम्प्यूटर मंगाये। मोटर मार्ग से 4 किमी दूर साइकिल मंगाकर बच्चों को साइकिल चलाना सिखाया। शिक्षण की नवीनतम पद्धतियों के अविष्कारक घनश्याम ढौंडियाल के विद्यालय को शिक्षण भ्रमण टीमें देख चुकी हैं और उनके विद्यालय शिक्षण की सीडी कई राज्यों में शिक्षण का माध्यम बनी हुई है।
   समिति ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में सुरेन्द्र भण्डारी को उत्तराखण्ड खेल रत्न व शिक्षक घनश्याम ढौंडियाल को राष्ट्रपति पुरस्कार देने की पुरजोर मांग की है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2015


गौचर सिदोली मोटर मार्ग वाहन दुर्घटना 5 मरे 8 घायल
गैरसैंण, 20 नवम्बर 2015
गौचर सिदोली मोटर मार्ग पर देर रात नगली ढमकर से मजखोला वापस आते समय ग्राम बौला की सरहद में तोक जंगलात धार बैण्ड पर महिन्द्रा मैक्स यूए 07 एन/5925 सडक से 200 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। वाहन में सवार 5 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 8 घायल हो गये।
प्राप्त सूचना के अनुसार वाहन मे सवार 5 मृतक जिनमे पदम सिंह ;58द्ध पुत्र मदन सिंह ग्राम मजखोला, नरेन्द्र सिंह ;29द्ध पुत्र जमन सिंह मजखोला, दिनेष सिंह 28 पुत्र  हिम्मत सिंह, कुमारी रवीना ;13द्ध पुत्री ताजबर सिंह, विक्रम सिंह ;24द्ध पुत्र  मातबर सिंह ग्राम कोलीमर्त शामिल हैं। गम्भीर रूप से घायल कविता देवी ;22द्ध पत्नी विक्रम सिंह ग्राम कोलीमर्त, मनोज ;24द्ध पुत्र सिताब सिंह ग्राम मजखोला, अषोक सिंह ;19द्ध पुत्र  रतन सिंह मजखोला, कु0 ललिता ;16द्ध पुत्री  बलवीर सिंह मजखोला, कु0 सपना ;14द्ध पुत्री  सते सिंह, कु0 रितु ;13द्ध  पुत्री सदन सिंह, कु0 दीपा ;16द्ध पुत्री प्रेम सिंह ग्राम मजखोला को हायर सेन्टर में रेफर कर दिया गया है। सामान्य घायल कु0 मोनिका ;18द्ध पुत्री  संग्राम सिंह ग्राम मजखोला का उपचार कर्णप्रयाग स्वास्थ्य केन्द्र में चल रहा है।
इस दुर्घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीष रावत, राज्यपाल डाॅ के के पाल, उपाध्यक्ष विधानसभा/विधायक कर्णप्रयाग डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी तथा जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार, गम्भीर रूप से घायलों को 25-25 हजार तथा सामान्य रूप से घायलों को 5 हजार रू0 की सहायता राषि दिये जाने की घोषणा की गयी है। डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी तथा जिलाधिकारी  ने अस्पताल मे भर्ती घायलों का हालचाल जाना।

                                         


11वीं के छात्र ने पेड से लटककर की आत्महत्या
गैरसैंण, 20 नवम्बर
  11वीं के छात्र राकेश ने पेड से लटककर आत्महत्या कर ली। बस्ते में मिले सुसाइड नोट में मोक्ष की कामना जताई है और छात्र का ध्यान धार्मिक साहित्य की ओर बताया गया है।
   प्राप्त जानकारी के अनुसार एक निजी विद्यालय का छात्र राकेश पुत्र अमर सिंह बिष्ट ग्राम पुलिंग मुन्दोली बीते गुरूवार को स्कूल से घर आया और घर से चुपचाप निकल गया। चाचा-चाची के साथ अध्ययन के लिए आया छात्र सायं ट्यूशन जाता था 6 बजे तक नहीं आने पर उसके चाचा ने खोजबीन शुरू की और सभी परिचित छात्रों और परिजनो के अलावा काफी जगह तलाशा लेकिन छात्र का कोई पता नहीं चला। परिजनों द्वारा कल ही थाने में गुमशुदगी की रिर्पोट दर्ज कर ली गई थी।

   देर रात उसका बस्ता देखने पर सुसाइड नोट मिला जिसमें मोक्ष की कामना के साथ अभिभावकों से क्षमा याचना की गई थी। सारी रात तलाशने के बाद प्रातः गाडियों में तलाश की 9 बजे किसी ने थाने में फोन कर बताया की पाॅलिटेक्निक के पीछे जंगल में एक लडका पेड से लटका है। सीएमएस रामचन्द्र सिंह ने शव का पंचनामा किया तथा छात्र के परिजनों के आने के बाद उसका शव परिजनों को सौंपा जायेगा।